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Weather Forecast : हरियाणा, NCR दिल्ली में भारी बरसात, फसलों में नुकसान, जानें आगे कैसा रहेगा मौसम

Weather Forecast: Heavy rains in Haryana, NCR Delhi, damage to crops, know how the weather will be ahead

Weather Forecast : हरियाणा, NCR दिल्ली में भारी बरसात, फसलों में नुकसान, जानें आगे कैसा रहेगा मौसम
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Rain In Haryana

वापसी कर रहे मानसून की सक्रियता के चलते पिछले तीन दिनों से बूंदाबांदी तथा बारिश हो रही है। मानसून सीजन के दौरान अच्छी बारिश होने के चलते कपास की फसल लगभग पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। अब बाजरा पका तो बेमौसमी बारिश ने परेशानी को बढा दिया है। पछेते बाजरा में बुर आया हुआ है जो बारिश से धुल गया, जो बाजरा पक चुका है उसका बारिश से दाना काला होगा और भाव नहीं मिलेगा। धान की अगेती फसल भी पकाव की तरफ है। बारिश के साथ हवा की गति तेज होने के कारण वह भी पसर गई है। जिसका असर उसकी बालियों पर पड़ रहा है।


हरियाणा और NCR दिल्ली में पिछले दो-तीन दिनों लगातार मानसून गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। बता दें की इस साल के मानसून सीजन के अन्तिम दौर में हरियाणा व NCR दिल्ली में सितंबर महीने में जबरदस्त बारिश देखने को मिल रही है। वर्तमान मौसम प्रणाली की वजह से सम्पूर्ण इलाके में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया जा रहा है। जिस कारण हरियाणा व एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पिछले दो दिनों से पर झमाझम बारिश दर्ज की जा रही है।

आज हरियाणा के उत्तरी जिलों अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, पूर्वी जिलों में सीएम सिटी करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद ,पलवल, साथ ही साथ दक्षिणी जिलों नूह मेवात, गुड़गांव, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, साथ ही केंद्रीय जिलों जींद रोहतक झज्जर चरखी दादरी और पश्चिमी जिलों भिवानी हिसार फतेहाबाद सभी स्थानों पर हल्की से मध्यम और अनेक स्थानों पर मूसलाधार बारिश देखने को मिल रही है। कुछ स्थानों पर 100-190 मिलीमीटर तक की गतिविधियों को दर्ज किया गया। इस लिए भारतीय मौसम विभाग ने सम्पूर्ण इलाके पर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। वर्तमा में एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तर पश्चिमी मध्य प्रदेश और दक्षिण पश्चिम उत्तर प्रदेश के आसपास के हिस्सों पर बना हुआ है। एक ट्रफ रेखा उत्तर-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी से लेकर ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान होते हुए पश्चिम राजस्थान के मध्य भागों तक फैली हुई है।

उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ को मध्य क्षोभमंडल में एक ट्रफ के रूप में देखा जाता है, जो औसत समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर लगभग 74 डिग्री पूर्व से 32 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में बना हुआ है। आने दो दिनों तक यह मौसम प्रणाली हरियाणा व एनसीआर दिल्ली पर अपना प्रभाव दिखाती रहेगी। साथ ही एक 25 सितंबर को नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में प्रवेश करने से जिसके प्रभाव से यह मौसम प्रणाली उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की और मुड़ जाएगी, जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व पंजाब के साथ हरियाणा के उत्तरी और पूर्वी जिलों और एनसीआर दिल्ली पर 25 सितंबर के बाद भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावनाएं बन रही है। जबकि शेष हरियाणा में इस दौरान केवल बादलवाही और कुछ स्थानों पर हल्की बिखराव वाली बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेगी। इस मानसून सीजन की गतिविधियों के अन्तिम दौर में वर्तमान मौसम प्रणाली द्वारा हरियाणा व एनसीआर दिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ सबसे अधिक बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया गया है।


बेमौसमी बारिश से फसलों पर मंडराया खतरा, किसान चिंतित


कस्बा तरावड़ी में भी हालात ठीक नहीं रहे। यहां भी कई इलाके दोपहर बाद तक पानी में डूबे रहे।

कहां कितनी बरसात ( शाम 6 बजे तक )

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