Today Haryana

अगर करनी है लाखों की कमाई, तो ऐसे करें अनार की खेती, होगा दुगना लाभ

खास बात यह है कि इसके लिए ज्या दा लागत लगाने की ज़रूरत नहीं है. बता दें कि अनार की खेती गर्म प्रदेशों में होती है.

अगर करनी है लाखों की कमाई, तो ऐसे करें अनार की खेती, होगा दुगना लाभ
X

किसान अधिक लाभ के लिए तरह तरह की खेती करता है हर किसान का यही सपना होता है कि वह कम समय व पैसे में अधिक लाभ कमाए व अपने परिवार के हर जरूरत पूरी कर सके इसके लिए वह अपने क्षेत्र के अनुसार खेती करता है. चाहे मिट्टी रेतीली हो या चिकनी अनार की खेती कहीं भी की जा सकती है इसकी खेती से लाखों तक की कमाई हो सकती है. खास बात यह है कि इसके लिए ज्या दा लागत लगाने की ज़रूरत नहीं है. बता दें कि अनार की खेती गर्म प्रदेशों में होती है

.अनार के पौधों को अगस्त या फिर फरवरी-मार्च में लगा सकते हैं. इसकी खेती के लिए यह समय उपयुक्त माना जाता है. इसकी खेती सभी प्रकार की मिट्टी में कर सकते हैं. इसके बाद किसानों को लगभग 3 से 4 साल बाद पेड़ फल देने लगता है. अनार की खेती की खास बात है कि इसमें एक बार निवेश करने से सालों तक लाभ कमा सकते हैं.

अनार की किस्में

देश में अनार की कई किस्में पाई जाती हैं लेकिन आप अपने क्षेत्र के अनुसार इसका चयन कर सकते हैं, जिसमें उपज करने से अच्छी कमाई हो सके.

अरक्ता कंधारी

ढोलका जालोर बेदाना

ज्योति पेपर सेल

भगवा गणेश

रूबी मृदुला

अनार के पौधे के रोपण का समय

अनार के पौधे के रोपण का समय

अगर किसान अनार की खेती कर रहे हैं तो पौधा रोपण से लगभग 1 महीना पहले गड्ढे खोद लें. ध्यान रहे कि ये गड्ढे लगभग 60 सेमी लंबे, 60 सेमी चौड़े और 60 सेमी गहरे होने चाहिए. साथ ही इनकी सामान्यतः दूरी 4 से 5 मीटर की होनी चाहिए. अब गड्ढों को लगभग 15 दिनों तक खुला छोड़ दें. इसके बाद लगभग 20 किग्रा पकी हुई गोबर की खाद, 1 किग्रा सिंगल सुपर फॉस्फ़ेट, 0.50 ग्राम क्लोरो पायरीफास का चूर्ण तैयार कर इन सभी को गड्‌ढों की सतह से 15 सेमी. ऊंचाई तक भर दें.

सिंचाई

अनार एक सूखी फसल है इसलिए इसकी ज्यादा उपज पाने के लिए सिंचाई करना ज़रूरी माना जाता है. इसकी खेती अगर गर्मियों में कर रहे हैं तो लगभग 5 से 7 दिनों बाद सिंचाई कर देनी चाहिए. अगर सर्दियों का मौसम है, तो लगभग 10 से 12 दिनों में सिंचाई कर देनी चाहिए. ध्यान रहे कि इसके पौधों के लिए बूंद-बंद सिंचाई अच्छी मानी जाती है.

पौधों को रोगों से बचाएं

अनार के पौधों में सड़ने वाले कीड़े लगने का खतरा बना रहता है. इसके लिए पौधों पर कीटनाशक का छिड़काव करें. साथ ही पौधों के आस-पास साफ-सफाई रखें. अगर सर्दियों का मौसम है तो पौधों को पाले से बचाएं. इसके लिए गंधक का तेज़ाब छिड़कते रहें.

फलों की तुड़ाई

अनार की खेती में पेड़ से फल तभी तोड़ना चाहिए, जब फल पूरे तरीके से पक जाएं. बता दें कि लगभग 120 से 130 दिनों बाद फल तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं.

किसान अधिक लाभ के लिए तरह तरह की खेती करता है हर किसान का यही सपना होता है कि वह कम समय व पैसे में अधिक लाभ कमाए व अपने परिवार के हर जरूरत पूरी कर सके इसके लिए वह अपने क्षेत्र के अनुसार खेती करता है. चाहे मिट्टी रेतीली हो या चिकनी अनार की खेती कहीं भी की जा सकती है इसकी खेती से लाखों तक की कमाई हो सकती है. खास बात यह है कि इसके लिए ज्या दा लागत लगाने की ज़रूरत नहीं है. बता दें कि अनार की खेती गर्म प्रदेशों में होती है.

Next Story
Share it