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किसानों को खाद में मिली 51,875 करोड़ रुपये की सब्सिडी की मंजूरी

रबी-2022 (01 अक्टूबर 2022 से 31 मार्च 2023 तक) की फसल के लिए केंद्र सरकार किसानों को 51,875 करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है. इससे किसान सस्ती कीमतों पर फॉस्फोटिक और पोटासिक खाद उपलब्ध होंगे. इससे पहले पहली छमाही में भी केंद्र सरकार ने फॉस्फोटिक और पोटासिक खाद पर 60939.23 रुपये की सब्सिडी दी थी.

किसानों को खाद में मिली 51,875 करोड़ रुपये की सब्सिडी की मंजूरी
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Subsidy On Fertilisers: रबी की फसलों की बुवाई से पहले केंद्र सरकार ने किसानों को एक बड़ा तोहफा दिया है. सरकार फॉस्फोटिक और पोटासिक खाद पर 51,875 करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है. सरकार के इस फैसले के बाद किसानों को नाइट्रोजन (एन) 98.02, फास्फोरस (पी) 66.93, पोटाश (के) 23.65, सल्फर (एस) 6.12 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी मिलेगी.

खाद के अतंराष्ट्रीय कीमतों में हुई वृद्धि को वहन कर रही सरकार

रबी-2022 (01 अक्टूबर 2022 से 31 मार्च 2023 तक) की फसल के लिए जारी इस सब्सिडी पर केंद्र सरकार को 51,875 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे. सभी फॉस्फेट और पोटास उर्वरक रियायती/किफायती कीमतों पर मिलने से किसानों को काफी सहायता होगी. बता दें कि उर्वरकों और कच्चे माल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हुए इजाफे को केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है.

पहली छमाही में दी गई थी 60939.23 रुपये की

सरकार किसानों को रियायती मूल्य पर फॉस्फेट और पोटास उर्वरकों के लिए यूरिया और 25 ग्रेड उर्वरक उपलब्ध करा रही है. फॉस्फेट और पोटास उर्वरकों पर सब्सिडी देने की प्रकिया 01 अप्रैल 2010 से जारी है. इसके तरहत उर्वरक कंपनियों को स्वीकृत दरों के अनुसार सब्सिडी जारी की जाएगी, ताकि वे किसानों को सस्ती कीमतों पर उर्वरक उपलब्ध करा सकें. बता दें कि इस साल की पहली छमाही में भी केंद्र सरकार ने फॉस्फोटिक और पोटासिक खाद पर 60939.23 रुपये की सब्सिडी दी थी.

कई राज्यों में खाद की किल्लत

इन सब फैसलों के बाद भी देश के कई राज्यों में खाद की कमी बनी हुई है. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों से खाद को लेकर झड़प की खबरें सामने आती रहती हैं. हालांकि, सरकार के मुताबिक, वह खाद वितरण केंद्रों पर समुचित मात्रा में उर्वरक की सप्लाई कर रहे हैं.

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