इस रोग से ग्रस्त होने पर दूध देना बंद कर देती हैं गाय-भैंस, थन सड़ना कर देते है शुरू, जाने बचाव

Mukesh Gusaiana
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देश के कई राज्यों में बारिश की बरसात देखने को मिल रही है। इस मौसम में, दुधारू पशुओं को बड़ी संख्या में बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इस बरसाती मौसम में, गाय-भैंसों में थनैला रोग से प्रभावित होने की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। इसके कारण, इन पशुओं का दूध देने में कमी आ सकती है। थनैला रोग आमतौर पर पशु के गंदे, नम और आलसी स्थानों से संक्रमित होता है, जहाँ जीवाणुओं का विकास होता है। ये जीवाणु पशु के थनों की दूध नलिका के माध्यम से प्रवेश करते हैं।

थनैला रोग से पशु कैसे प्रभावित होते हैं?

थनों में प्रवेश करने के बाद, ये जीवाणु गाय-भैंस के कोशिकाओं पर प्रभाव डालते हैं और अधिक वृद्धि करते हैं। इसके बाद, ये जीवाणु कोशिकाओं का नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं, जिससे गाय-भैंस का दूध देने में कमी आती है।

इलाज नहीं मिलने पर पशु की मौत तक हो सकती है

थनैला रोग के दौरान अगर गाय-भैंस दूध देती भी हैं तो पीने लायक नहीं होता है. दूध में दुर्गंध, पीलापन, हल्कापन आने लगता है. इस रोग से कई बार पशुओं का थन भी सड़कर गिर जाता है. सबसे पहले इस रोग का शिकार होने पर पशुओं में बुखार आने लगता है. पशुओं में खाने के प्रति इच्छा कम हो जाती है. पशुओं का थन लकड़ी के समान कठोर हो जाता है. कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने से आपके पशु की मौत भी हो जाती है.

दूध निकालने का गलत तरीका भी थनैला रोग की वजह

दूध निकालने का गलत तरीका भी इस गाय-भैंसों में इस रोग के होने की बड़ी वजह बन सकती है. गलत तरीके से दूध निकालने की कोशिश में पशु के थनों पर चोट या रगड़ लग जाने, खराब सड़ा-गला चारा खिलाने और पशु के आवास में सही सफाई व्यवस्था नहीं रखने से यह रोग हो जाता है. अधिक दूध देने वाले पशु इस रोग से ज्यादा प्रभावित होते हैं.

बरतें ये सावधानियां

दूध निकालने के बाद के बाद गाय-भैंस को आधा घंटा नीचे न बैठने दें, क्योंकि इस दौरान थनों के छिद्र खुले रहते हैं. दुधारू पशुओं को विटामिन-ई की एक ग्राम मात्रा प्रतिदिन दाना मिश्रण के साथ खिलाना चाहिए. विटामिन-ई प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है. पशु को साफ़ पानी पिलाएं, गोबर और पेशाब आदि को दिन में साफ़ करते रहें, समय-समय पर थनों में गांठ, सूजन, दूध की गुणवत्ता आदि की जांच करते रहें. किसी भी तरह की दिक्कत पाए जाने की स्थिति में तुरंत पशु चिकित्सक को संपर्क करें.

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मुकेश गुसाईंना (Mukesh Gusaiana) किसान केसरी में सीनियर एडिटर और इसके सस्थापक हैं. डिजिटल मीडिया में 9 साल से काम कर रहे हैं. इससे पहले जनता टाइम पर अपनी सेवाएं दे रहे थे, इन्होने अपने करियर की शुरूआत चौपाल टीवी में कंटेंट राइटिंग से की और पिछले कई सालों से लगातार ऊँचाइयों को छूते जा रहे हैं ।
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