बापू! इस जन्म में फौजी नहीं बन पाया, अगले जन्म में ज़रूर बनूँगा, बेरोजगारी ने मार डाला

 
बापू! इस जन्म में फौजी नहीं बन पाया, अगले जन्म में ज़रूर बनूँगा, बेरोजगारी ने मार डाला

उत्तर भारत के अनेक गांवों के नौजवानों को आपने सड़कों के किनारे सुबह सुबह दौड़ते देखा होगा। ये नौजवान फ़ौज/पुलिस/अर्ध सैनिक बलों के लिए तैयारी करते रहते हैं अपने घर के खर्चे पर।

भर्ती निकलती है तो इनमें से कुछ वर्दी पा जाते हैं और बाकी बहुत सारे अगली बार की तैयारी में वापस उन्हीं सड़कों पर दौड़ने चले जाते हैं।

फौजी बनने का सपना देख रहे ये कदम यू थकने के नही थे, लेकिन सपना टूटा तो ये थक गए अधिक जानकारी के लिए आपको बता दें कि भिवानी के तालू का पवन 10 साल की अम्र में फौजी बनने का सपना देख रहा था। तीन साल से भर्ती नही हुई, अब उम्र 23 साल हुई तो उसका फौजी बनने का सपना टूट गया। इस बात से निरास होकर पवन ने शुक्रवार तड़के सरकारी स्कूल के मैदान में पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी। पास ही टैªक पर लिखा था बापू दस जन्म में फौजी नही बन पाया लेकिन अगले जन्म में फौजी जरूर बनूंगा।

पर बीते तीन सालों से फ़ौज की भर्ती बंद है। कोई विकल्प सूझाने वाला भी कोई नहीं है।

तो ऐसे फैसले भी आ रहे हैं! दिल भर आता है लेकिन बेबसी है क्योंकि बेरोजगारी पर संवाद ही संभव नहीं! 

फौजी बनने का सपना देख रहे ये कदम यू थकने के नही थे, लेकिन सपना टूटा तो ये थक गए


अधिक जानकारी के लिए आपको बता दें कि भिवानी के तालू का पवन 10 साल की अम्र में फौजी बनने का सपना देख रहा था। तीन साल से भर्ती नही हुई, अब उम्र 23 साल हुई तो उसका फौजी बनने का सपना टूट गया। इस बात से निरास होकर पवन ने शुक्रवार तड़के सरकारी स्कूल के मैदान में पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी। पास ही टैªक पर लिखा था बापू दस जन्म में फौजी नही बन पाया लेकिन अगले जन्म में फौजी जरूर बनूंगा।

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